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Mon | 29 April 2019 | 5:44 PM
AAP कांग्रेस चुनाव 2019 दिल्ली/NCR राजनीती राष्ट्रीय

‘पूर्ण राज्य’ होने से क्या फर्क पड़ेगा? ‘पूर्ण राज्य’ की मांग एक बेमानी नारा है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष एवं उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती शीला दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस की दिल्ली सरकार के वर्षों की उपलब्धियों और दिल्लीवासियों के विश्वास के कारण दिल्ली में मजबूत है और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी दिल्ली की सातों सीटों पर पूर्ण बहुमत से जीतेगी।

श्रीमती शीला दीक्षित ने अपने चुनाव प्रचार में आज सीमापुरी ए ब्लाक, मदर डेयरी, सब्जी मंडी, सीलमपुर मौजपुर, ई ब्लाक शास्त्री पार्क, न्यू सीलमपुर और मुस्तफबाद विधानसभा में बाबू नगर चनाई वाली गली, 25 फुटा रोड, एमएसडब्लू रोड़ पर दौरा किया और आयोजित सभाओं को सम्बोधित किया।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष एवं उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती शीला दीक्षित ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के अरविन्द केजरीवाल के दावे पर मुस्कुराते हुए कहा कि अरविन्द जी ने जबसे राजनीति में कदम रखा है वे तभी से सिर्फ खोखले दावे और झूठे वादे हवा में उछालते रहते हैं। काश उन्होंने कभी भारत के संविधान को पढ़ने, सोचने और समझने की कोशिश की होती। हकीकत तो यह है कि उनकी राजनीति का आधार ही नामी-गिरामी व्यक्तित्वों पर आधारहीन व्यक्तिगत आरोप लगाना, बुनियादी बातों की ओर से जनता का ध्यान भटकाना  और गैरज़रूरी अनावश्यक गैरसंवैधानिक डिमांड करके जनता को दिग्भ्रमित करना रहा है।

उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग करना देश के संविधान के विरुद्ध मांग करना है। उसके लिए भारत के संविधान में संशोधन आवश्यक है और संविधान में संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ती है। केजरीवाल जी आज चन्द लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करके दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के नाम पर जनता से वोट मांग रहे हैं। कोई उनसे पूछे कि 2014 के आम चुनावों में पंजाब से उनके चार सांसद लोकसभा में पहुंचे थे और पिछले साल दिल्ली से इनके तीन सांसद राज्यसभा में भी आ गये तो इन लोगों ने संसद में कब और कितनी बार दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग करी।

श्रीमती दीक्षित का कहना या कि आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली चुनावों में पूर्ण राज्य की मांग करना केवल पिछले साढ़े चार साल में अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास मात्र है। सच तो ये है कि भाजपा और ‘आप’ पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और पिछले पांच वर्षों के अपने-अपने शासन के दौरान हर मोर्चे पर विफल होने के बाद ही दोनों के मुद्दों में बदलाव आ गया है। कोई भी अपने पुराने वादों और मुद्दों की बात करने को तैयार नहीं हैं। अपनी उपलब्धियों के बारे में कोई बताने को तैयार नहीं है।

दीक्षित ने केजरीवाल सरकार पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि दिल्ली विधानसभा में एतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में रहते हुए आपने दिल्ली और दिल्लीवासियों की बेहतरी के लिए क्या किया? आज दिल्ली स्वच्छ वातावरण में सांस तक नहीं ले पा रही है, इस बर्बादी के लिए कौन जिम्मेवार है? शिक्षा का स्तर गिर रहा है और शिक्षक नौकरी के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं, जिम्मेवारी किसकी बनती है? हमारी खूबसूरत दिल्ली कूड़ों के ढेर में परिवर्तित हो चुकी हैं, किसकी गैरजिम्मेदारी के कारण? सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है, किसकी नाकामी है? दिल्ली की सीवर व्यवस्था दम तोड़ रही है और सफाई कर्मचारी अपनी जानें गवां रहे हैं मगर शासन प्रशासन मौन क्यों हैं? दिल्लीवासी समस्याओं से जूझ रहे हैं, निराश और व्यथित हें, आपके साथी आपको छोड़-छोड़ कर जा रहे हैं, आप पर आपके अपने ही इल्जामों की बरसात कर रहे हैं और ‘आप’ पार्टी इन सब बातों से मुंह फेरते हुए ‘पूर्ण राज्य’ का एक नया राग अलापने में लगी है।

उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं केजरीवाल सरकार से कि सीलिंग के कारण क्या दिल्ली के हजारों छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारियों एवं लाखों बेरोजगार हो गये कर्मचारियों के लिए सीलिंग से मुक्ति आवश्यक है या ‘पूर्ण राज्य’ का दर्जा। कोई तो बताये कि ‘पूर्ण राज्य’, जो अभी तक एक स्वप्नमात्र कल्पना है, बनने से क्या दिल्ली और दिल्लीवासियों की समस्याओं और परेशानियों का हल हो जायेगा।

दीक्षित ने कहा कि दिल्ली और दिल्ली की जनता की हर छोटी बड़ी समस्या के समाधान के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति और साफ नीयत की आवश्यकता है जिसका आम आदमी पार्टी में पूर्ण अभाव है और उसी ‘पूर्ण अभाव’ को छिपाने के लिए केजरीवाल जी ‘पूर्ण राज्य’ का शोषा छोड़ जनता को भ्रमित करने में लगे हैं।

 शीला दीक्षित ने केजरीवाल सरकार की कटु आलोचना करते हुए कहा कि ‘पूर्ण राज्य’ की मांग तो बहाना है असली मकसद तो ‘पूर्ण राज्य’ के माध्यम से श्री केजरीवाल अपनी तुच्छ इच्छाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए असीमित अधिकार प्राप्त कर शायद दिल्ली के वजीरे आज़म का खिताब पाने का स्वप्न पाले हुए हैं। आज भी दिल्ली सरकार के पास इतने अधिकार हैं कि सबको साथ लेकर चलने पर नेक नियति के साथ दिल्ली फिर से जीवन यापन की समस्त उचित सुविधाओं के साथ एक विश्वस्तरीय शहर बन सकता है। कांग्रेस ने अपने पन्द्रह वर्षीय शासन काल में इसे सम्भव कर दिखाया था और जनता के आशीर्वाद, सहयोग और समर्थन से हम अपने क्षेत्र और समस्त दिल्ली में दिल्लीवासियों का खोया स्वाभिमान और शान वापस दिलाने का प्रण करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी का ‘पूर्ण राज्य’ का नारा और मांग बेमानी और दिल्ली की जनता को भ्रमित करने वाली है।

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