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Tue | 30 April 2019 | 4:21 AM
कांग्रेस चुनाव 2019 राजनीती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

दलित मतदाताओं के लिए कांग्रेस का देशव्यापी अभियान

आगामी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दलित मतदाताओं को अधिक से अधिक कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के साथ जोड़ने के लिए अनुसूचित जाति विभाग, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा “संविधान से स्वाभिमान” 90 दिन का देशव्यापी अभियान बनाया गया है। इसकी शुरुआत दिल्ली के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में 26 नवंबर, 2018 को संविधान दिवस पर भव्य “संविधान सम्मान समारोह” का आयोजन कर की गयी है। इसमें कांग्रेस पार्टी तथा विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

भारत का संविधान हमारे देश के लोकतंत्र की बुनियाद है। मनुवादी विचारधारा से प्रेरित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा उनकी राजनीतिक सत्तासीन पार्टी भाजपा इस लोकतंत्र के स्तंभों को ध्वस्त करना चाहती है और इसी कारण लगातार संविधान पर हमले करती रहती है। प्लानिंग कमिशन, सीबीआई, आरबीआई, सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमिशन तथा यूपीएससी लगभग हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है । देश को जाति और धर्म के आधार पर बाँटा जा रहा है। युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व्यापारियों, किसानों, मजदूरों एवं लगभग हर तबके के लोगों का शोषण किया जा रहा है व उन पर अत्याचार व अन्याय की घटनाएं लगातार बढ़तीं जा रहीं हैं। केंद्र सरकार की योजनाएँ सामंतवादी व अमीरों को फायदा पहुंचाने वाली सोच का परिणाम लगती है। इसके विरोध में हमारा यह अभियान जन जागरूकता बढ़ाने के लिए है।

अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला जा रहा है। प्रेस को लगभग पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। कैबिनेट मंत्री समेत बीजेपी के अनेक नेता समय-समय पर संविधान बदलने की बात करते हैं लेकिन संविधान इस देश की ताकत व जान है। इस देश को जिस स्वरुप में हम आज देख रहे हैं, वह संविधान द्वारा प्रदत्त है। इसलिए अपने देश व लोकतन्त्र की रक्षा हेतु भारतीय संविधान की सुरक्षा अनिवार्य है जो हमारा कर्तव्य है।

कांग्रेस का हर दलित नेता एवं कार्यकर्ता देशभर में गांव-गांव व शहरों की बस्ती-बस्ती में जाकर दलितों की हर बिरादरी के साथ बैठकर उनसे संवाद करेगा, संविधान से मिलने वाले लाभ तथा आज की परिस्थिति पर हर एक पंचायत में “बंधुभाव पंचायत” का आयोजन कर चर्चा करेगा। तथा हर जिले के तालुका स्तर पर पारिवारिक सम्मेलनों का भी आयोजन कर “संविधान व कांग्रेस का उसमें योगदान” विषय पर उनका मार्गदर्शन करेगा।

पांच चरणों में होने वाले इस जन जागरण अभियान कार्यक्रम की समाप्ति फरवरी 2019 के अंतिम सप्ताह में भाजपा सरकार की संविधान विरोधी भूमिका के खिलाफ प्रदेश स्तर पर भव्य दलित रैली का आयोजन किया जाएगा।

देशव्यापी ‘संविधान से स्वाभिमा‘ कार्यक्रम। 
पहला चरण ( 12 नवंबर से 3 दिसंबर, 2018 )
दलित समाज के तहत छोटी-छोटी समाज की बैठकेआयोजित करके मोदी सरकार के विरोध में लोगों कीभागीदारी व जानकारी देने के लिए हर पंचायत मेंबंधुभाव पंचायत” की जाएगी तथा सभी मिलकरप्रशासनिक स्तर पर  पारिवारिक सम्मेलन आयोजनकिया जाएगा।    
दूसरा चरण(4 दिसंबर से 25 दिसंबर, 2018)
गाँव-गाँव तथा शहर के वार्डो में “संविधान मार्च” निकालकर स्थानीय जगह पर जहां डा बाबासाहेबआंबेडकर जी का प्रतिमा होगी ऐसी सार्वजनिक जगह परजाकर उन्हें आदरांजलि अर्पित कर संविधान कीउद्देशिका का पठन किया जाएगा तत्पश्चात संघ औरभाजपा  के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी के साथखडे रहने की शपथ ली जाएगी।
तीसरा चरण (25 दिसंबर से 16 जनवरी, 2019) 
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में जहा दलित मतदान 10% से अधिक है ऐसे सामान्य विधानसभा क्षेत्र सहित अनु. जातिके लिए सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में  संविधान संवादसभा” का आयोजन होगा। 
चौथा चरण (17 जनवरी से 22 फरवरी, 2018) 
हर प्रदेश के विभागीय क्षेत्र में आने वाले सभी जिलेविधानसभा व लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मिलकर अपनेविभागीय स्तर पर संविधान बचाओदेश बचाओकार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 
पाँचवां चरण (22 फरवरी से एक सप्ताह)
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में प्रदेश स्तर पर भव्यदलित रैली का आयोजन किया जाएगा। 

यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति विभाग का स्वतंत्र कार्यक्रम नहीं है, इसमें हर एक प्रदेश की प्रदेश कांग्रेस कमेटी को इस कार्यक्रम कीसूचना देकर, इन्हें हमारे विभाग का सहयोग करने तथा उसे अमल में लाने के बारे में सुनिश्चित कर दिया गया है।

 दलित नेतृत्व का विस्तार

ï         पार्टी की पहुंच हर दलित के घर तक बनाने के लिए मोहल्ला, उप-मोहल्ला, नगर, कॉलोनी, फ्लैट स्कीम इकाई बनानी है। साथ ही गांवऔर उप-गांव इकाई का निर्माण भी करना है।

ï   दलित नेतृत्व को ज़िला के बाद मोहल्ला और उप-मोहल्ला तक ले जाना है। उप-मोहल्ला, नगर, कॉलोनी, फ्लैट स्कीम इकाईयों को मोहल्लाऔर ज़िला इकाई से नियमित संपर्क में रहना है। ज़िला इकाई को प्रदेश इकाई से नियमित संपर्क में रहना चाहिए। प्रदेश इकाई को मोहल्ला इकाईसे भी मासिक संपर्क करना है। इसी तरह केंद्रीय इकाई को भी ज़िला इकाई से मासिक संपर्क करना है।

ï         इसी तरह से पंचायतों के बाद गांव और उप-गांव इकाई बनानी है। उसको भी ज़िला इकाई से नियमित संपर्क में रहना है। 

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