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AAP चुनाव 2019 दिल्ली/NCR राजनीती राज्य राष्ट्रीय

अगर दिल्ली की सातों सीटों से जीते तो हमें कुछ भी करना पड़े दिल्ली को पूर्ण राज्य का हक दिलाकर रहेंगे: अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal, Manish Sisodia

प्रेस वार्ता में मौजूद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कानून के तहत बहुत सारे काम दिल्ली सरकार के अधीन आते हैं, परंतु पूर्णराज्य न  होने की वजह से उनको करने में बहुत सारी अड़चनें आती है। दिल्ली पूर्ण राज्य बनेगा तो दिल्ली सरकार सभी विकास के कार्यों को स्वतंत्रता पूर्वक कर सकेगी।

उन्होंने कहा दिल्ली का कर-दाता केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स इकट्ठा करके देता है। परंतु दिल्ली की जनता के साथ सौतेला व्यवहार होता है। अन्य राज्यों को विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए केंद्र की सरकार की ओर से दिए जाते हैं, परंतु दिल्ली को मात्र 325 करोड रुपए केंद्र सरकार से मिलते हैं। अगर दिल्ली पूर्ण राज्य बनेगी तो दिल्ली को भी अन्य राज्यों की भांति हजारों करोड़ रुपए विकास के लिए मिलेगा।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज दिल्ली में बहुत सारे ऐसे मुद्दे है जिसकी मार दिल्ली की जनता झेल रही है। उसमें एक बहुत बड़ा मुद्दा है दिल्ली में हो रही सीलिंग। दिल्ली के व्यापारी एक लंबे समय से सीलिंग की मार को झेल रहे हैं। अगर दिल्ली पूर्ण राज्य होता तो दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली की चुनी हुई सरकार 1 दिन के अंदर अध्यादेश जारी करके दिल्ली की सीलिंग को रुकवा सकते थे।

जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तो पहले ही वर्ष दिल्ली सरकार ने दिल्ली के लिए लोकपाल बिल बनाकर कैबिनेट में पास कर उसे केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया। परंतु केंद्र सरकार ने आज तक उस पर मंजूरी नहीं दी। अगर दिल्ली पूर्ण राज्य होती तो अब तक दिल्ली का लोकपाल बिल पास हो चुका होता, केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोगों द्वारा एक भ्रम फैलाया जा रहा है, कि दिल्ली देश की राजधानी है यह पूर्ण राज्य कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में कई देशों का उदाहरण देते हुए यह समझाया है कि किस प्रकार से देश की राजधानी को भी पूर्ण राज्य बनाया जा सकता है। लंदन, बर्लिन, मॉस्को, मैक्सिको, इटावा, वाशिंगटन इसके महत्वपूर्ण उदाहरण है।

इस मेनिफेस्टो के जरिए हमने दिल्ली की पूर्ण राज्य की समस्या को सुलझाने का एक रास्ता सुझाया है। दिल्ली में एनडीएमसी का इलाका, कैंटोनमेंट एरिया और दूतावास का एरिया छोड़कर, बाकी पूरी दिल्ली के संबंध में हर प्रकार के अधिकार दिल्ली सरकार के पास होने चाहिए। ताकि दिल्ली की जनता अपनी चुनी हुई सरकार के समक्ष अपनी मांगे रख सके और दिल्ली की सरकार जनता के विकास के लिए सभी कार्यों को स्वतंत्रता पूर्वक कर सकें।

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